फरेब

सब कुछ भुला मै, तो बस फरेब ना भुला पाया.
उस दिलकश मोहब्बत का ऐब ना भुला पाया.
वो बाहों  में भर कर जिंदगी के धागे  जो बुने थे.
बस उसी में रमकर हमने किस्मत में रंग भरे थे.
कितना खुबसूरत मजमा था, मेरी दिल की कहानी का नगमा था.
ए हशीन मैं कुछ नही बस दिल का टुटा नगमा था.......१

सुनना सुनाना आदत  तेरी फरेबी इश्क की.
मैं टुटा तारा हुआ ना हमें मोहब्बत  मिली,
मोहब्बत  खेल हैं, उनका मेरा खिलवाड़ होता रहा.
दिल की मौशम में सुखाङ का अंजाम बनता रहा.
मुझे  तोङ किसी का घर ना बसाना,
ए हशीन मैं कुछ नही दिल का टुटा नगमा था.......२

#अवध ❤

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