मदहोश

कितना खुशनुमा मोहब्बत तेरी बाजुओं में साकी,
दिन गुजरता तेरी गलियों मे साकी,
खुशनमा था नजारा, खुशनमा था मौशम,
मेरी मदहोशी तेरी आँखों का काजल,

#अवध 

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