शाकी और शराब

अंगुर लता लिप्टी देखो प्यालों .
भर कर प्यालों में मधुप्याला.

गोरी तुम तो प्यास वही हो.
मोरे जिवन की रंगशाला .

कैसे पिलाऊँगा मैं भर कर साकी.
प्यासी ठहरी मेरी मनशाला .

#अवध ✌

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