आँखें

कहना चाहती कुछ वो गुमनाम आँखे,
कह ना पाई दिल की हसरत वो बदनाम आंखें ,
देखती रही दुनिया की रस्म रिवाजे,
कह ना पाई दिल की हाल ये आँखें ,

#अवध 

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