देश प्रेम

जन्म लिया धरती पर  मेरा मजहब  मजहब बताया सबने,
बताया ये हिंदू मूश्लिम ये बंदे,
बताई मेरी जात ये ब्राहमण ये कुर्मी  ये चमार,
ना बताई मेरी राष्ट्रीयता,
ना बताया मेरा देश,
टुटेजा रहा ये देश
जातियता की बंधन में,
कैसा ये देश,
ना मेरी जाति ना मेरा कौम,
भारतिय हुं भारतिय यही मेरा वेश,

#अवध 

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